अंतर
December 8, 2021
उदासी तुझमें है,
तनहाई मेरे भी अंदर है,
लोग वही है,
समय बस अलग है।
काल चक्र का
कोई जादू सा मंतर है।
कैसे बताऊं मै?
कोई अदृश्य अक्षर है।
बातें वही है,
बस शब्दों में कुछ अंतर है।
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उदासी तुझमें है,
तनहाई मेरे भी अंदर है,
लोग वही है,
समय बस अलग है।
काल चक्र का
कोई जादू सा मंतर है।
कैसे बताऊं मै?
कोई अदृश्य अक्षर है।
बातें वही है,
बस शब्दों में कुछ अंतर है।